शाहपुर कस्बे में ईदगाह के पास भी शुरू में लगभग
300 परिवार आकर बसे थे। चूंकि, ये लोग अब अपने गांव लौटना नहीं चाहते, इसलिये
70-80 परिवार इसी स्थान पर टेंट डालकर रह रहे हैं। फिलवक्त इन्हें सरकारी इमदाद या
राशन आदि नहीं दिया जा रहा है। यहां
पड़े लोगों का काम धंधा ठप है। लगभग सभी परिवारों के राशन कार्ड बने हुए हैं लेकिन ताज्जुब
यह है कि इन्हें तीन माह से सरकारी राशन, तेल आदि मयस्सर नहीं हो सका है। चूंकि, गांव
में ये राशन लेने गये नहीं और शासन-प्रशासन ने यहां बंटवाने की व्यवस्था नहीं की।
दोस्तों
मैं अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप इन मासूम लोगों की सहायता करने का प्रयत्न कर रहा हूँ।
क्या आप भी सहयोग देंगे?
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