भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान ने रविवार को देश को नए साल का शानदार तोहफा दिया।
भारतीय अंतरिक्ष के लिए यह दिन इतिहास के
पन्नों में दर्ज हो गया है ।
श्रीहरिकोटा से आज देश का सबसे बड़ा रॉकेट जीएसएलवी सफलता पूर्वक लांच
कर दिया गया। पिछली कई नकामियों के बाद इस बार उड़ान पर सबकी नजर है। इसका पहला और
दूसरा चरण कामयाब रहा। इसमें स्वदेश निर्मित क्रायोजेनिक इंजन का इस्तेमाल हो रहा
है।
अपने पहले,
दूसरे और तीसरे चरण में जीएसएलवी ने भूस्थतिक स्थानांतरण
कक्षक में अपने यात्री अंतरिक्षयान को ठोस, धरती पर संग्रह
योग्य द्रव और क्रायोजेनिक प्रणोदकों के मिश्रण के साथ स्थापित करना है ।
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