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Sunday, January 12, 2014

अखिलेश सरकार के कठोर शब्द : 'राहत शिविर ही नहीं महलों में भी मरते हैं लोग'

मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के राहत शिविरों में बच्चे-बूढ़ों की जहाँ ठंड से मौत हो रही हैं वहां नेताओं के बेतुके बयानों का सिलसिला जारी है ।

मंत्री जी के कहने का अंदाज यह था कि लोग तो महलों में भी मरते हैं, तो फिर राहत कैंपों में लोगों के मरने पर हंगामा मचाने की क्या जरूरत है। 

नारद राय ने शनिवार को कहा, 'अब बच्चों का मरना, बूढ़ों का मरना, जवान का मरना तो शाश्वत है। कोई जरूरी नहीं है कि जो कैंप में रहा है वही मरा है। महलों में रहने वाले लोग भी मरते हैं। ऐसा नहीं है कि हमारे और आपके घर के बच्चे नहीं मरते और सड़क पर और फुटपाथ पर सोने वाले बच जाते हैं।'

कुछ तो शर्म करो।

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