तालाबों में कब्जा न हो पाए, कब्जा किए गए तालाबों को कब्जा मुक्त किया जाए लेकिन इस आदेश का अनुपालन सिर्फ हवा हवाई साबित हो रहा है। शहर के तालाबों पर भू-माफियाओं की नज़र लग गई है। कई के अस्तित्व मिट चुके हैं तो कई का नंबर आ गया है। एक के बाद एक तालाब को मिट्टी से पुराई कराकर प्लाटिंग की सौगात दे रहे हैं।
बीते समय में शहर तालाबों के लिए जाना जाता रहा है। पांच तालाबों को आपस में जुड़ा होना खास बात थी। जिससे कि जलभराव आदि की स्थिति नहीं हो पाती थी। अब वह बात नहीं रही। तालाबों का स्वरुप की बदल दिया गया है । तालाब की जमीन बेंच कर आलीशान इमारतें खड़ी कर दी गई है।
तालाबों में किए गए कब्जों पर बीते साल सुप्रीमकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी। लगभग एक साल पहले कोर्ट के आदेश को लेकर प्रशासनिक गतिविधि भी बढ़ी थी। लेकिन समय जाते ही यह गतिविधि शून्यता के घेरे में आ गई ।
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