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Monday, January 13, 2014

नाम के काम होते ही हैं नाकाम

गिरते भू-गर्भ जल स्तर को रोकने के लिए शासन ने भवन निर्माण के दौरान वाटर रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। परंतु यहाँ तो नगर पालिका में बिना रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के ही भवनों के नक्शे पास किए जा रहे हैं।

दिलचस्प तो यह है कि पालिका में शासन से आया रेन वाटर हार्वेस्टिंग का शासनादेश ही नहीं मिल रहा है। जिससे पालिका इस बारे में कोई भी ठीक जवाब नहीं दे पा रही है।

भू-गर्भ का लगातार दोहन हो रहा है। तालाबों को पाट दिए जाने से अब वह भी भू-गर्भ जलस्तर को बढ़ाने में सहायक नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण अब रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से ही भू-गर्भ के जलस्तर को बढ़ाया जा सकता है। नगर पालिका के निर्माण विभाग में जब वाटर रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम पर बात की गई तो कार्यालय ने कहा इस तरह का शासनादेश है तो पर मिल नहीं रहा है। वर्ष 2001 यानी 13 साल से भवन निर्माण के जो भी नक्शे पालिका जारी कर रही है, उनमें से किसी पर भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की शर्त लागू नहीं की गई है। जबकि प्रतिवर्ष भवनों का निर्माण जारी है। नक्शे भी पास किए जा रहे हैं।
 
मनोरंजन के अलावा कोई कार्य तो ठीक से कीजिये सपा सरकार 

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