ईमानदार
और साफ छवि की वकालत करने वाली आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली सरकार
के कानून मंत्री सोमनाथ भारती एक और विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं. दरअसल,
पिछले साल सीबीआई ने वकील सोमनाथ भारती पर भ्रष्टाचार
के एक मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने और अभियोजन पक्ष के गवाह को
प्रभावित करने का आरोप लगा था. इस बाबत पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष सीबीआई
अदालत ने सोमनाथ भारती को फटकार भी लगाई थी.
सीबीआई की विशेष अदालत की जज पूनम बाम्बा ने पिछले साल अगस्त में सोमनाथ भारती और उनके क्लाइंट पवन कुमार को फटकारा था. पवन कुमार पर एक भ्रष्टाचार का मामला चल रहा था. 2006 के दौरान स्टेट बैंक ऑफ मैसूर में कुछ कार्यों के लिए पवन कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप था.
जज बाम्बा ने कहा कि यह बहुत आपत्तिजनक (हाईली ऑब्जेक्शनेबल) और गैर-कानूनी (अन-एथिकल) है. यही नहीं यह मामला सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश से भी जुड़ता है.
तब अदालत ने पवन कुमार को बेल देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद पवन ने वकील सोमनाथ भारती और प्रशांत भूषण के जरिए दिल्ली हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका दायर की, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.
सीबीआई की विशेष अदालत की जज पूनम बाम्बा ने पिछले साल अगस्त में सोमनाथ भारती और उनके क्लाइंट पवन कुमार को फटकारा था. पवन कुमार पर एक भ्रष्टाचार का मामला चल रहा था. 2006 के दौरान स्टेट बैंक ऑफ मैसूर में कुछ कार्यों के लिए पवन कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप था.
जज बाम्बा ने कहा कि यह बहुत आपत्तिजनक (हाईली ऑब्जेक्शनेबल) और गैर-कानूनी (अन-एथिकल) है. यही नहीं यह मामला सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश से भी जुड़ता है.
तब अदालत ने पवन कुमार को बेल देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद पवन ने वकील सोमनाथ भारती और प्रशांत भूषण के जरिए दिल्ली हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका दायर की, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.
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