विद्युत विभाग को घाटा हो तो क्यों न जब कर्मी ही खेल करते रहे है । विभाग का 15 करोड़ रुपये डूबने के कगार में है। यह वह धन है जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने में कर्मियों ने खेल किया है। हालांकि ये फाइल जांच के घेरे में है।
विद्युत का बकाए में 55 करोड़ फंसा है। इसमें 15 करोड़ ऐसा धन है जिसका स्थाई कनेक्शन नहीं हुआ है। इससे यह धन डूबने की स्थिति में है। हालांकि विभाग इसे वसूल करने के प्रयास में है। लेकिन जिनके कनेक्शन स्थाई तौर पर नहीं काटे हैं। वे लोग बकाए बिल की अदायगी करने का तैयार नहीं हैं।
जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन विच्छेद में खेल हुआ है। उनकी संख्या 6000 है। हालांकि बकाए की सूची में कुल 32,000 है।
समय आ गया है कि अब ऐसे नेताओं और ऐसे प्रशासन को जड़ से उखाड़ कर फेक दिया जाये।
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