रिन्द
नदी के किनारे का बड़ा भू-भाग गोकसी करने वालों के लिए सुरक्षित स्थान बना
हुआ है। जंगल होने कारण पशु तस्करों को यहां गोकशी करने में आसानी समझ में
आती है।
नदी
के किनारे के जंगल से हर सप्ताह गोकशी के लिए जानवरों को लोड किया जाता
है। पशु तस्कर इस जंगल में यमुना के पार से जानवर लाते हैं। यहीं पशुओं का
वध कर मांस व जिंदा पशुओं को कानपुर व अन्य स्थानों के लिए लोड किया जाता
है। पशु तस्कर जिस क्षेत्र में इस कार्य को अंजाम देते हैं वह कोतवाली
बिंदकी और जाफरगंज थाना क्षेत्र के बीच पड़ता है।
सपा सरकार के राज्यकाल में जनता तो झेल ही रही है पर अब तो मासूम जानवरों को भी भुगतना पड़ रहा है।
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