सत्य को कितना भी अंधकार में छुपाना चाहो सत्य उज्ज्वलित होकर सामने अवश्य आता है। एक और बार फिर सत्य की जीत हुई।
गुजरात दंगा मामलों में श्री नरेंद्र मोदी को अदालत ने भी बेगुनाह करार दे दिया है। स्थानीय अदालत ने दंगा मामलों में एसआइटी की क्लोजर रिपोर्ट को मान्य रखते हुए मोदी जी को विशेष जांच दल [एसआइटी] की क्लीन चिट के खिलाफ दायर जकिया जाफरी की याचिका को खारिज कर दिया। इससे मोदी जी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हो सकता है।
दंगों में मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी की पत्नी जकिया ने फरवरी 2012 को एसआइटी की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर मोदी, मंत्रिमंडल सदस्यों और पुलिस अफसरों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी तब भी नहीं डरे और उन्होंने पूरा समर्थन दिया जाँच कमिटी को। उनकी सच्चाई और निडरता का ही परिणाम है की उनका सत्य न्यायलय ने भी स्वीकार किया।
अदालत ने 350 पेज के अपने फैसले में स्पष्ट कहा है कि मोदी जी के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट बीजे गणात्रा ने फैसले में कहा, 'आपकी याचिका खारिज करता हूं, आप ऊपरी अदालत जा सकते हैं।'
मैं मोदी जी को बधाई देना चाहूंगा। हम सभी को उन पर गर्व है।
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