बीता साल 2013 विकास के अधूरे कामों का एक लम्बा चिटठा छोड़ जाएगा।
किसानों की समस्या में उलझा
जिले में विकास के अन्य काम भी अधूरे रह गए। नहरों में समय पर पानी आया। सिंचाई के
लिए नहरों के विस्तार के साथ ही केनाल की क्षमता बढ़ाए जाने की योजना भी अधूरी ही
रह गई।
जिला पूरे साल ख़राब सड़कों
से काम चलता रहा। और कर्मचारियों काम शुरू करने के नाम पर बची कुछ ठीक ठाक हालात
वाली सड़कों को भी उखाड़कर काम अधुरा छोड़ दिया।
सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तो यह
की सीएचसी बिंदकी को कागज में तो उच्च स्तरीय अस्पताल का दर्जा मिला पर न तो यहाँ
पुरे डाक्टरों की भर्ती हुई और न ही दवाओं और अन्य सुविधाओं मोहैय्या हो पाई।
राज्य के नलकूपों की हालत
को लेकर भी बस किसान को झूठे आश्वासन ही मिले और केनाल की क्षमता बढ़ाने की बातें
भी बस खोखली साबित हुई I
रेलवे ओवर ब्रिज चक्की नाका,
असोथर का का कम भीअधर मे लटका दिया गया I
नगर पालिका बिंदकी में कूड़ा
जमा होने की समस्या पर कोई सुध नहीं ली गयी, जिसके लिए कूड़ा निस्तारण की कार्य
योजना फाइलों में से बाहर ही नहीं आ सकी।
किशुनपुर में भी पीपा पुल नही
बन पाया अपितु बातें तो बहुत हुई मगर काम नहीं हुआ I
खागा रेलवे क्रासिंग में
ओवर ब्रिज का निर्माण भी नहीं हो सका जो लोगों की एक बहुत बड़ी जरूरत है।
वहीं ट्रामा सेंटर, स्पोर्ट कालेज के निमार्ण कार्य भी पूरे नहीं हो पाए। लोगों
को उम्मीद थी कि ये दोनों बहु आयामी कार्य इस वर्ष पूर्ण हो जाएंगे लेकिन पूर्ण
नहीं हो पाए। अपितु जानते सब है के हमारी राज्य सरकार बस वोट बटोरना जानती है काम
करना नहीं I
१.
क्या इस सबका बाद भी लोगो
का प्रशासन के प्रति विश्वास रहना चाहिए ?
२.
क्या किया है कुछ अखिलेश
सरकार ने अब तक जनता की भलाई के लिए, दिखावे के अलावा ?
आप जवाब दे नीचे कमेंट
बॉक्स पर
No comments:
Post a Comment