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Tuesday, December 31, 2013

विकास की पगडण्डी पर किसान ज्यों का त्यों !! ऐसा क्यूँ ?

प्रशासन सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहूँगा मेरे किसान भाईओं कि ओर । 
देश तरक्की के राह पर चल पड़ा है ऐसे वादे हर मंच से किए जाते रहे हैं लेकिन किसानों की तकदीर नहीं बदली है। दावों के विपरीत किसान बदहाली का जीवन जीने को मजबूर है। खेती के लिए बिजली, पानी और खाद की मांग करता है तो उसे छलावा हाथ लगता है।

Monday, December 30, 2013

भू-माफियाओं की मनमानी पर प्रशासन क्या जवाब देगा ?

शहर को शहरी मुखौटा मिले तो कैसे जब भू-माफियाओं ने ही मनमाने ढंग से नई बस्ती बसाने का जिम्मा ले लिया है। बिना ले आउट के प्लाटिंग का काम शहर के बीस से अधिक स्थानों में चल रहा है ।
नई बस्तियों में न तो विद्युत खंभे लगे है और न ही पार्क के लिए कोई जगह छोड़ी जा रही है। ड्रेनेज की व्यवस्था न होने से इन क्षेत्रों में गंदा पानी का भराव बीमारियां बांट रहा है।

Saturday, December 28, 2013

होश गवाकर दुर्घटनाग्रस्त हुई रातें और सोता हुआ प्रशासन

डिब्बी -
कुल दुकानों की स्थिति
  1. देशी शराब 268
  2. अंग्रेजी 65
  3. मॉडल शाप 01
  4. बियर 50

सपा सरकार का नारा कुछ भी कर लो जतन काम नहीं करेंगे हम

कार्यो में पारदर्शिता आए तो कैसे जब विभागीय अधिकारी ही जनसूचना का अधिकार (आरटीआई) की धार को कुंद किए हैं। आवेदकों को समय से जानकारी ही नहीं देते हैं। महीनों आवेदक विभाग के चक्कर लगाते रहते हैं। इसके बाद भी उन्हें कामयाबी नहीं मिलती। अंत में वे निराश होकर अपने लोग घर बैठ जाते हैं। स्थिति यह है कि विभागों में 6500 से अधिक आवेदन डंप हैं और उन्हें सूचनाएं नहीं मिलती। देखो अब नूतन वर्ष 2014 में विभागीय अधिकारियों का मामले पर क्या रुख होगा।

Friday, December 27, 2013

गुजरात दंगों का सत्य : मोदी जी निर्दोष कहा न्यायलय ने

सत्य को कितना भी अंधकार में छुपाना चाहो सत्य उज्ज्वलित होकर सामने अवश्य आता है। एक और बार फिर सत्य की जीत हुई। 

गुजरात दंगा मामलों में श्री नरेंद्र मोदी को अदालत ने भी बेगुनाह करार दे दिया है। स्थानीय अदालत ने दंगा मामलों में एसआइटी की क्लोजर रिपोर्ट को मान्य रखते हुए मोदी जी को विशेष जांच दल [एसआइटी] की क्लीन चिट के खिलाफ दायर जकिया जाफरी की याचिका को खारिज कर दिया। इससे मोदी जी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हो सकता है।

Thursday, December 26, 2013

कढक़ती सर्दी में गरीब कपकपाये पर प्रशासन को फिक्र नहीं



कढक़ती सर्दी में गरीब कपकपा रहे हैं पर प्रशाशन को कोई फ़िक्र नहीं ।
 
बहुत दुःख होता है यह जानकर की ठंड से गरीब तबका ठिठुर रहा है। आम जनमानस व कमजोर तबका राज्य सरकार की साड़ी, कंबल बंटवाने की योजना का इंतजार करके थक हार गया किन्तु अभी तक इसका श्री गणेश भी नहीं हो सका है। नगर पंचायत ने भी राहगीरों व ठंड में सिकुड़ते लोगों के लिए व्यवस्था नहीं की है।

प्रदेश सरकार की नि:शुल्क साड़ी व कंबल बटवाने की योजना अभी तक शुरू नहीं हुई है। तहसील क्षेत्र मे पात्र लाभार्थियों की बात की जाए तो ऐरायां ब्लाक में 15157 तथा हथगाम ब्लाक में 16840 समेत करीब 60 हजार पुरूष व महिलाएं इस योजना मे सूचीबद्ध किए गये हैं।

सरकार क्यों जल्दबाजी नहीं दिखा रही हैं जबकि हाड़कंपाऊ ठंडी से जनता की हालत खराब है। शासन द्वारा मागी गई सूची को ब्लाक अधिकारियों ने फटाफट तैयार कर अक्टूबर माह में ही भेज दिया था किन्तु आगे की कार्यवाही अटकी हुई है। 'प्रदेश सरकार द्वारा वितरित कराए जाने वाले साड़ी व कंबल के लिए शासन से धन अवमुक्त हो चुका है। फिर क्यों आज गरीब जनता ठंड से बच नहीं सकती।

Wednesday, December 25, 2013

बहरौली गांव बना स्मैकियों का केंद्र पर क्यूँ नींद में है अखिलेश सरकार ?



मुझे गर्व है उन महिलायों पर जिन्होंने स्मैकियों का केंद्र बने बहरौली गांव में घर की देहरी लांघ स्मैकियों को सबक सिखाने की ठान ली है। 

कोतवाली बिंदकी के बहरौली गांव में स्मैक से परिवार तबाह हो चुके हैं। कई परिवार तबाही के कगार में खड़े हैं।
 
इतना ही नहीं खजुहा पुलिस ने इस पूरे मामले की जानकारी अपने अधिकारियों को देना वाजिब भी नहीं समझा। 

सपा सरकार का अफसरों में कितना भय है यह तो हम सभी भली भाँती देख पा रहे हैं,ऐसा लगता है क्कि गहरी नींद में हैं अखिलेश जी जैसा मैंने पहले कहा था,

मैं कठोर शब्दों में इस घृणित कार्य  की निंदा करता हूँ और अपने सभी क्षेत्रवासियों से अनुरोध करता हूँ के दे सभी मिलकर इसका विरोध करें।  मेरा समर्थन सदैव आपके साथ है। - विक्रम सिंह 


अपने विचार नीचे कमेंट अवश्य करे और इसका विरुद्ध आवाज जरुर उठाये -

Tuesday, December 24, 2013

लालच दिखाकर धर्मातरण नहीं होने देंगे - विक्रम सिंह

मैं गरीबों को लालच दिखाकर फतेहपुर में व्यापक पैमाने पर धर्मातरण की जो नापाक कोशिश की जा रही है उसका कटु शब्दों में विरोध करता हूँ।

सपा प्रशासन से बार बार रोक लगाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन रोकथाम का तो नामो निशान ही नहीं है। यदि ये जल्द ही समाप्त नहीं किया गया तो सपा सरकार आपको जनता के आक्रोश से शायद ही कोई बचा पाये।

आप ही विचार कीजिये इस सोती हुई सरकार को आप दोबारा अपना धर्म भ्रष्ट करने का मौका देना चाहते हैं ?


२०१४ में भारतीय जनता पार्टी को  लाएं और भारत को उन्नतिशील करने में श्री नरेंद्र मोदी का साथ दें यही आशा है आपसे।

अभी आप अपने विचार रखकर विरोध प्रकट कर सकते है - 

Saturday, December 21, 2013

अधूरे निर्माण अधूरे काम कब होंगे पुरे अखिलेश जी

बीता साल 2013 विकास के अधूरे कामों का एक लम्बा चिटठा छोड़ जाएगा।
किसानों की समस्या में उलझा जिले में विकास के अन्य काम भी अधूरे रह गए। नहरों में समय पर पानी आया। सिंचाई के लिए नहरों के विस्तार के साथ ही केनाल की क्षमता बढ़ाए जाने की योजना भी अधूरी ही रह गई।

जिला पूरे साल ख़राब सड़कों से काम चलता रहा। और कर्मचारियों काम शुरू करने के नाम पर बची कुछ ठीक ठाक हालात वाली सड़कों को भी उखाड़कर काम अधुरा छोड़ दिया।


सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तो यह की सीएचसी बिंदकी को कागज में तो उच्च स्तरीय अस्पताल का दर्जा मिला पर न तो यहाँ पुरे डाक्टरों की भर्ती हुई और न ही दवाओं और अन्य सुविधाओं मोहैय्या हो पाई।

राज्य के नलकूपों की हालत को लेकर भी बस किसान को झूठे आश्वासन ही मिले और केनाल की क्षमता बढ़ाने की बातें भी बस खोखली साबित हुई I

रेलवे ओवर ब्रिज चक्की नाका, असोथर का का कम भीअधर मे लटका दिया गया I

नगर पालिका बिंदकी में कूड़ा जमा होने की समस्या पर कोई सुध नहीं ली गयी, जिसके लिए कूड़ा निस्तारण की कार्य योजना फाइलों में से बाहर ही नहीं आ सकी।

किशुनपुर में भी पीपा पुल नही बन पाया अपितु बातें तो बहुत हुई मगर काम नहीं हुआ I

खागा रेलवे क्रासिंग में ओवर ब्रिज का निर्माण भी नहीं हो सका जो लोगों की एक बहुत बड़ी जरूरत है।

वहीं ट्रामा सेंटर, स्पोर्ट कालेज के निमार्ण कार्य भी पूरे नहीं हो पाए। लोगों को उम्मीद थी कि ये दोनों बहु आयामी कार्य इस वर्ष पूर्ण हो जाएंगे लेकिन पूर्ण नहीं हो पाए। अपितु जानते सब है के हमारी राज्य सरकार बस वोट बटोरना जानती है काम करना नहीं I

१.      क्या इस सबका बाद भी लोगो का प्रशासन के प्रति विश्वास रहना चाहिए ?
२.      क्या किया है कुछ अखिलेश सरकार ने अब तक जनता की भलाई के लिए, दिखावे के अलावा ?


आप जवाब दे नीचे कमेंट बॉक्स पर 

Friday, December 20, 2013

"समस्या हमारे क्षेत्र बिंदकी की" ध्यान दो अखिलेश सरकार

दो साल में 5 किमी बाईपास निर्माण का काम कार्यदायी संस्था नहीं पूरा कर पाई है। अत्यंत धीमी गति से चल रहा काम लगता है इस साल भी पूरा नहीं हो पाएगा। हैरानी कि है कि बिंदकी में 5 किमी बाईपास का निर्माण वर्ष 2011 में 8 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुआ था जिसको अब तीन साल पुरे हो जाएंगे, संस्था के अधिकारियों के आलस्य की सीमा तो यह है कि अब तक किसानों को कोई नोटिस तक जारी नहीं हुआ है

और सबसे मुख्य बात यह है की हमारी राज्य सरकार  उर्फ़ अखिलेश सरकार ने इस कार्य के लिए इन तीन सालो के बीच में इसकी सुध लेना भी जरुरी नहीं समझा क्यूंकि अब तक 8 करोड़ में से दो करोड़ धनराशि भी अभी सरकार से नहीं मिली है I

मगर सच कहूं मित्रो यदि यह बाईपास निर्माण हो जाए तो बिंदकी के अंदर जाम की समस्या का भी हल हो जाय परन्तु ऐसा लगता है कि अखिलेश जी गहरी नींद में है जो खुलने का नाम नहीं ले रही है, और कोई जगा भी नहीं पा रहा है क्यूंकि यह नींद सत्ता के नशे में चूर होकर जो आयी है I

जहा एक तरफ विकास के नाम पर केवल लैपटॉप  बांटे जाते हैं तो वही दूसरी और असल समस्याओ पर राज्य शासित सरकार द्वारा कोई कदम ही नहीं उठाये जाते है या यूँ कहे अनसुनी कर दी जाती है, नहीं तो यह काम इतना लम्बा खिचना चाहिए था क्या ?

क्यों अब उचित राशि तक नहीं आयी है राज्य सरकार से ?

क्यों हर निर्माण कार्य जो जनता के लिए हो यूँही लम्बे खिंचते चले जाते हैं ?

 उम्मीद है आप सभी मित्र अपना मत रख्नेगे इस बात पर -

 - विक्रम सिंह


Thursday, December 19, 2013

रामगंगा केनाल में छोड़ा आधा पानी, काफी नहीं था

फतेहपुर से : रबी की फसलों में टेल तक पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग ने 2000 क्यूसेक पानी की डिमांड की थी। जिसमें मंगलवार को 400 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया था।
किसान नहरों में पानी छोड़े जाने के लिए एक माह से आवाज बुलंद कर रहे थे। कई बार कलेक्ट्रेट में आकर धरना प्रदर्शन भी किया था। पानी न आने से किसान आंदोलन की राह में उतरने की तैयारी बना रहे थे। इसकी भनक पाते ही सोमवार को देररात राम गंगा केनाल के रजबहा एवं माइनरों में पानी छोड़ दिया गया। लेकिन पानी बहुत कम आया है।

Wednesday, December 18, 2013

सीएम से शिकायत भी हवा में

फतेहपुर। दस दिन पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जब शहर निरीक्षण करने आए थे, तो उनके सामने समस्या उठाई गई थी कि महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन का कोई उपयोग नहीं है। उन्होंने डीएम को निर्देश देने के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं पर सख्त रवैया अपनाने के निर्देश दिए थे लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं है। जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले करीब एक दशक से ताले में कैद है। 

Tuesday, December 17, 2013

मोदी की वाराणसी रैली को लेकर अलर्ट

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की 20 दिसंबर को वाराणसी में प्रस्तावित रैली को लेकर इंटेलीजेंस ब्यूरो ने राज्य सरकार को फिर आगाह किया है। मोदी की रैली में खुराफात का अंदेशा जाहिर करते हुए आइबी ने कड़ी सुरक्षा की हिदायत दी है। पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ आशीष गुप्ता ने सोमवार को बताया कि मोदी की रैली को लेकर सामान्य अलर्ट जारी किया गया है। आइबी ने किसी विशेष उल्लेख के साथ सूचना नहीं दी है।

Monday, December 16, 2013

कांग्रेस मुक्त भारत की शुरुआत हो चुकी है

गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने चार राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों को कांग्रेसमुक्त भारत की शुरुआत बताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से नई सोच, नए संकल्प और नए सपने के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही उत्तराखंड के विकास की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए इसे अध्यात्मिक पर्यावरण जोन (एसईजेड) के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई।
मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि - 



"हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में से चार के नतीजे कांग्रेस कुशासन से भारत को मुक्ति दिलाने की शुरुआत हो गई है और आने वाले लोकसभा चुनाव में पूरा देश कांग्रेस मुक्त होने जा रहा है।"

Saturday, December 14, 2013

चोरी छिपे हो रहे धर्मातरण पर रोक लगाने की मांग


अभाहिमस की महिला विंग ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया। कहा कि जानकारी के बाद भी गलत काम में प्रशासन रोक नहीं लगा पा रहा है।

अखिल भारत हिंदू महासभा की महिला विंग से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कार्यवाही किए जाने की मांग की। संगठन की जिलाध्यक्ष सुधा पाण्डेय की अगुवाई में पहुंची महिलाओं ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया। कहा कि -

Friday, December 13, 2013

प्रधानमंत्री को दोस्त की सलाह मोनू! छोड़ दो कुर्सी, अब भक्ति करो


अमृतसर के हिंदू सभा कालेज में 1951 से 1954 तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सहपाठी रहे पठानकोट के विक्रम सिंह ने यह सलाह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दी है। विक्रम सिंह मनमोहन सिंह की जवानी के कई राज से भी वाकिफ हैं। एक ही क्लास में अगल-बगल बैठने वाले विक्रम सिंह कहते हैं कि 'वैसे मोनू (प्यार से दोस्त उन्हें इसी नाम से पुकारा करते थे) गंभीर रहा करता था, लेकिन जब भी मौका मिलता तो शरारतें भी खूब करता था। उसकी अंग्रेजी काफी अच्छी थी, जिससे वह अंग्रेजी के प्रोफेसर का चहेता था।
पहली बार जब कालेज में इलेक्शन हुए तो मोनू ने प्रधान पद के लिए खड़े हमारे उम्मीदवार की जीत के लिए काफी जोरदार प्लानिंग की थी। इससे वह जीत भी गया। ठीक से नाम याद नहीं आ रहा है, शायद मिस्टर कपूर जीते थे। मोनू इससे कपूर का खास बन गया'
कुछ याद कर विक्रम सिंह हंसते हैं और कहते हैं,

'देखिये मोनू की किस्मत। बिना चुनाव लड़े दस साल प्रधानमंत्री रहे। अब तीसरे का चांस मुश्किल है, इसलिए मैं चाहता हूं कि मोनू राजनीति से संन्यास लेकर भक्ति करे। अब उम्र भी हो चली है।
सारी उम्र उन्होंने किताबें व फाइलें पढ़ने में ही गुजार दी।'

विक्रम सिंह कहते हैं कि डा. मनमोहन सिंह, प्रीतपाल सिंह, डीके शर्मा व वह स्वयं चारो दोस्त थे। चारों की खूब पटती थी। मोनू हर राज उसे बताता था। आज हमारे दो दोस्त प्रीतपाल व डीके शर्मा नहीं हैं।
आखिर में विक्रम सिंह कहते हैं कि -

विधानसभा चुनावो में कांग्रेस की करारी हार के अब वह पीएम के लिए नया चेहरा उतारने की बात करने लगी है, लेकिन मोनू की तरह कांग्रेस के पास कोई चेहरा नहीं है।
 मैं दोस्त के नाते नहीं, बल्कि एक देशवासी के नाते कह रहा हूं कि मोनू!

अब पीएम की कुर्सी छोड़ दो, उम्र अब भक्ति करने की है।'

Thursday, December 12, 2013

टूट रहा सब्र का बांध, अब करेंगे आंदोलन

नासूर बनी बांदा बहराइच मार्ग की स्थिति दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। बुधवार को ध्वस्त सड़क में खटौली गांव के पास ट्रक धंस गया जो शाम तक फंसा रहा। वहीं बंधवा के समीप सवारी से भरी टेंपो पलट गई जिसमें बैठे 7 लोग जख्मी हो गए। सभी को प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। आक्रोशित लोग सत्ताधारी नेताओं का घेराव भी करेंगे।
बांदा, फतेहपुर, रायबरेली एवं लखनऊ समेत कई जिलों को जोड़ने वाले एनएच का दर्जा पाए यह बहुआ से ललौली तक 12 किमी ध्वस्त है तीन माह से इस सड़क के मरम्मतीकरण तक की चिंता कार्यभार संभाले रायबरेली एनएच के निर्माण निगम अधिकारियों को भी नहीं है। लेकिन मार्ग से गुजरने वाले वाहन जहां फंसे रहते है। वहीं उड़ रही धूल से आसपास गांवों के लोग कई बीमारियों की चपेट में आते जा रहे है।
अब लोगों का सब्र भी टूटता जा रहा है और आंदोलन की रणनीति तय कर रहे है। मामले पर मोहित दुबे, सूर्यभान सिंह, कमलेश कुमार, सरोज कुमार समेत कई का कहना था कि यदि सड़क मरम्मतीकरण शीघ्र नहीं शुरू हुआ तो कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।