सुप्रीम
कोर्ट के पूर्व
जज जस्टिस संतोष
हेगड़े ने सहमति
जताई कि हाल
के दिनों में
हुए ओपीनियन पोल
में भाजपा के
पीएम प्रत्याशी नरेंद्र
मोदी की बढ़त
से कांग्रेस डर
गई है। इसी
कारण वह इन
पर प्रतिबंध लगाना
चाहती है। उन्होंने
ओपीनियन पोल [जनमत
सर्वेक्षण] पर प्रतिबंध
लगाए जाने के
किसी भी कदम
का विरोध किया
है। उनका कहना
है कि इससे
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
का उल्लंघन होगा।
कर्नाटक
के लोकायुक्त रह
चुके हेगड़े ने
उन दावों का
खारिज कर दिया
जिसमें कहा गया
है कि इस
तरह के सर्वे
से मतदाता प्रभावित
होता है। उन्होंने
कहा कि लोग
मूर्ख नहीं हैं,
उन्हें सब पता
है। प्रतिबंध के
प्रयासों को अतार्किक
बताते हुए हेगड़े
ने कहा कि
इस तरह से
तो उन राजनैतिक
दलों पर भी
प्रतिबंध लगा देना
चाहिए जो चुनाव
में विकास के
बड़े-बड़े वादे
और दो तिहाई
बहुमत के साथ
सत्ता में आने
का दावा करते
हैं। नरेंद्र मोदी
से कांग्रेस के
घबराने की बात
का समर्थन करते
हुए हेगड़े ने
कहा, 'यह तो
स्पष्ट है। आपने
पहले इस पर
प्रतिबंध लगाने की बात
क्यों नहीं की।
निराशा में आकर
इस तरह के
प्रतिबंध की बात
करना गलत है।'
दिल्ली में चुनाव
लड़ने जा रही
आम आदमी पार्टी
की सफलता पर
हेगड़े ने संशय
जताया। हालांकि उन्होंने अपने
पूर्व सहयोगी और
टीम अन्ना के
सदस्य रहे अरविंद
केजरीवाल को शुभकामनाएं
दी। केजरीवाल
की तारीफ करते
हुए उन्होंने कहा,
'अरविंद का मानना
है कि जब
तक हम व्यवस्था
से नहीं जुड़ते,
उसे बदल नहीं
सकते। यह सही
भी हो सकता
है। लेकिन सवाल
यह है कि
क्या एक व्यक्ति
द्वारा पार्टी खड़ा करना
व्यावहारिक है।' सरदार
वल्लभ भाई पटेल
की विरासत को
लेकर कांग्रेस और
भाजपा में छिड़ी
जंग को उन्होंने
व्यर्थ बताया।
आभार : दैनिक जागरण
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