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Tuesday, November 5, 2013

उमर को दिखा नरेंद्र मोदी का असर

उमर को दिखा नरेंद्र मोदी का असरनरेंद्र मोदी की सेंध अब संप्रग सहयोगियों में भी दिखने लगी है। जदयू नेता शिवानंद तिवारी की प्रशंसा के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मान लिया कि मोदी का असर है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह पाला बदलने वाले नहीं हैं। बहरहाल, उनके बयान ने राजनीतिक दलों और लोगों में चिंतन-मंथन को जरूर तेज कर दिया है। उत्साहित भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने भी यह कहने में देर नहीं की कि मोदी के सुशासन की सुनामी गई है। उमर नेशनल कांफ्रेंस के नेता और मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रशंसक और समर्थक हैं। ऐसे में उनके इस नए बयान ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस जहां मोदी के असर को 'कृत्रिम' करार देती रही है वहीं उमर का मानना है कि मोदी का असर है। लहर तो नहीं है, लेकिन उनको नकारना गलत होगा। उन्होंने अपनी ओर से यह साफ करने में देर नहीं लगाई कि वह खुद को कांग्रेस के ही नजदीक पाते हैं। लेकिन उनकी ओर से यह संकेत देना ही अहम है कि जम्मू-कश्मीर में बैठकर भी वह मोदी का असर देख रहे हैं। कुछ दिन पहले ही जदयू नेता शिवानंद तिवारी पार्टी मंच से ही मोदी का लोहा मान चुके हैं। जबकि खुद कांग्रेस के मंत्री जयराम रमेश ने भी आगाह किया था कि मोदी पार्टी के लिए एक चुनौती हैं।

उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में व्यक्तिगत रूप से नेताओं में मोदी का असर दिखने लगा है। ऐसे में उमर के बयान का स्वागत करते हुए भाजपा ने कांग्रेस को आगाह किया कि उनकी अंतिम पारी का काउंटडाउन शुरू हो गया है। नकवी ने कहा, 'कांग्रेस के कुशासन के कहर के खिलाफ सुशासन की सुनामी आई हुई है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक इसका असर दिख रहा है। मोदी विश्वास और सुशासन के प्रतीक बन गए हैं। उन्हें कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता है।

मोदी का समर्थन करेगी नेकां: शेख मुस्तफा

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पाला नहीं बदलने के वक्तव्य के उलट उनके चाचा और नेशनल कांफ्रेंस के अतिरिक्त महासचिव शेख मुस्तफा कमाल ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को समर्थन देने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा यदि केंद्र की सत्ता में आती है तो उनकी पार्टी उसे अपना समर्थन देगी।
कमाल ने कहा कि अगले साल आम चुनाव में मोदी जीत दर्ज कर प्रधानमंत्री बने तो नेशनल कांफ्रेंस उनके साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखेगी। हालांकि हम अपने सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करेंगे।

हमारे वालिद शेख साहब (नेका के संस्थापक शेख मुहम्मद अब्दुला) कहा करते थे कि हमें नई दिल्ली में सत्तासीन होने वाले दल के साथ रहना है।

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