लगता है प्रशासन काफी
व्यस्त है अपने काम में मगर जनता के हित में नहीं चोरी हुई भेंसो को ढूंढने, यह
थोरा हास्यप्रद भले ही हो परन्तु यह एक बहुत बढ़ा उदाहरण है आम जनता और मंत्री के
बीच के फर्क का, मैं आको बताना चाहूंगा की कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश सरकार में
कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता आजम कान की सात भैंसें चोरी हो गई थीं।
तलाश में पूरे प्रदेश की पुलिस लगा दी गई थी और इसका मीडिया में जबरदस्त कवरेज भी
देखने को मिला था ।,
यह कुछ हास्यपूर्ण
परन्तु दुर्भागयापूर्ण है की हमारे देश की मीडिया भी केवल अपने चैनल की टीआरपी
बढाने के लिए किसी भी हद तक गुजार है और दुसरी और समाजवादी पार्टी के एक नेता के
साथ हुई छोटी सी बात भी बढ़ी हो जाती है अपितु राज्य में गरीब जनता के कई बड़े बड़े
मुद्दे और उनकी पीड़ा बस यूँही है,
मैं जब भी सोचता हूँ बस
आँखे नाम हो जाती है मेरे मित्रो की पीड़ा देख कर और एक आक्रोश भी भर आता है हृदय
में इस तरह की मानसिकता को देखकर, मित्रो यह
तस्वीर अब बदलनी चाहिए देश में मोदी राज आना चहिये
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