शहर के मुख्य मार्गो सहित गलियां कूड़ों के ढेर से पटी हुई हैं। वहीं नालियों में पॉलीथीन सहित घरों का कूड़ा डंप है। ऐसे में नालियां बजबजा रही हैं। घरों का पानी भी नहीं निकल पा रहा है। गंदा पानी सड़कों पर भर रहा है, गंदगी से लोगों को जीना मुहाल है। शहर को साफ सुथरा रखने में पालिका प्रशासन असहाय सा लग रहा है। यूं तो पालिका के सफाई कर्मी प्रत्येक दिन सफाई करने के लिए निकलते हैं। चुनिंदा मुहल्लों की ही साफ सफाई कर कर्तव्यों से इतिश्री कर लेते हैं। ऐसे में शहर का अधिकांश हिस्सा गंदगी व कूड़ों से पटा रहता है। शहर के प्रमुख चौराहों पर जमा कूड़े का ढेर हफ्तों नहीं उठाया जाता।
शहर के ज्वालागंज, देवीगंज, राधानगर, आबूनगर, खुशवक्तराय नगर, वीआईपी रोड, तांबेश्वर नगर सहित नई बस्तियों में सफाई कर्मी कम ही पहुंचते हैं। सप्ताह में एक-आध दिन पहुंचकर मात्र औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं। ऐसे में दर्जनों मुहल्ले अछूते रह जाते हैं। इन मुहल्लों में नालियां बजबजा रही हैं। गलियों की बात कौन करे, यहां तो मुख्य मार्ग की सफाई भी प्रतिदिन नहीं होती।
तांबेश्वर नगर के प्रदीप सिंह, रामप्रताप, महावीर आदि ने बताया कि सफाई कर्मी नालियों की सफाई करने
नहीं आते। मुहल्लेवासी खाली पड़े प्लाटों में कूड़ा फेंक देते हैं। ऐसे में हवा का
झोंका आने पर यह कूड़ा नालियां में भर जाता है। नालियां चोक होने से घरों का पानी
भी नहीं निकल पाता। नालियां उफनाई तो गंदा पानी गलियों व मार्गो में भर जाता है, जिससे निकलना दूभर हो जाता है।
मित्रो यही हाल रहेगा जब तक पालिका के अधिकारी अपनी कुर्सियां गर्म करते
रहेंगे और प्रशासन भी बस अपने मनोरंजन में लगी, वोह क्या है ना अपने घर को साफ
करके जनता के परेशानी से इन्हें कोई सरोकार रहता जो नहीं है
No comments:
Post a Comment