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Thursday, October 31, 2013

विस्फोट पीड़ितों से मिलने दो नवंबर को बिहार आएंगे मोदी

विस्फोट पीड़ितों से मिलने दो नवंबर को बिहार आएंगे मोदी
भाजपा की हुंकार रैली के दौरान सिलसिलेवार धमाकों में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात करने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी दो नवंबर को बिहार आएंगे। हफ्ते भर के भीतर यह उनकी दूसरी बिहार यात्रा होगी। वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने बताया कि मृतकों के परिजनों से मुलाकात के लिए नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह पटना हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे। भाजपा ने उन गांवों में अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी हैं, जहां मोदी जाएंगे। हुंकार रैली के दौरान हुए बम धमाकों में मारे गए लोगों को भाजपा ने शहीद का दर्जा दिया है। उनके परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है। गुरुवार से पार्टी शहीद अस्थि-कलश यात्राकी शुरुआत करेगी। विभिन्न जिलों से शुरू होकर यह यात्रा पांच नवंबर को पटना पहुंचेगी। गंगा में सभी शहीदों की अस्थियों का सामूहिक रूप से विसर्जन किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा कर चुके हैं। घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर हो रहा है।
धमाकों में गई जानगांधी मैदान के धमाकों में राजनारायण सिंह (कमरजी, गौरीचक, पटना), विकास कुमार (कैमूर), मुन्ना श्रीवास्तव (मीरगंज, गोपालगंज), भरत रजक (सिमडिहा, सुपौल), राजेश कुमार (सरमेरा, नालंदा), बिंदेश्वरी चौधरी (बरियारपुर पश्चिमी, बेगूसराय) की मौत हुई है।



Wednesday, October 30, 2013

सर्वेः राजस्थान में बीजेपी की बयार, कांग्रेस की होगी हार

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान में भी बीजेपी को बड़ी कामयाबी हाथ लग सकती है। यहां अशोक गहलोत सरकार की वापसी की राह मुश्किल दिख रही है। आईबीएन7 के लिए सीएसडीएस के लिए राजस्थान में सर्वे किया है। सर्वे की मानें तो यहां कांग्रेस को 32 फीसदी वोट मिल सकते हैं, जबकि बीजेपी के खाते में 41 फीसदी वोट जा सकते हैं। वहीं बीएसपी को 7 फीसदी और अन्य 20 फीसदी वोट जा सकते हैं। इस आधार पर बीजेपी को 115-125 सीटें, कांग्रेस 60-68 सीटें और बीएसपी 4-8 सीटें मिल सकती है। वहीं अन्य के खाते में 8-12 सीटें जा सकती है।
जहां तक सरकार के कामकाज को लेकर लोगों की राय सरकार के खिलाफ जाती है। महज 31 फीसदी लोग सरकार के कामकाज से खुश हैं, जबकि 45 फीसदी लोग नाखुश हैं। जबकि 24 फीसदी लोगों ने कोई राय नहीं दी।
इसके अलावा जब अशोक गहलोत को एक मौका देने के बात सर्वे में आई तो 50 फीसदी लोगों ने सहमति जताई जबकि 38 फीसदी इसके खिलाफ गए। वहीं 12 फीसदी लोगों ने अपनी कोई राय नहीं दी।
गौरतलब है कि आईबीएन7 के लिए सीएसडीएस ने ये सर्वे किया है। 14 से 21 अक्टूबर के बीच हुए इस सर्वे में 49 विधानसभा सीटों पर जनता की राय ली गई। 196 पोलिंग स्टेशनों के 4427 वोटरों से बातचीत की गई।

आभार : IBN khabar

Tuesday, October 29, 2013

खुद ही घिर गए राहुल गांधी

Rahul Gandhiलखनऊ(राज बहादुर सिंह) इरादा तो दूसरों खासकर भाजपा को घेरने का था लेकिन काग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाधी मध्य प्रदेश की एक रैली में मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ित मुस्लिमों के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के सम्पर्क में होने की बात से खुद घिर गए। झांसी में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के हमले के बाद तो काग्रेसियों की पेशानी पर और बल पड़ गए। विचलित काग्रेसियों को अब राहुल गाधी की बुंदेलखंड होने वाली रैली से उम्मीदें हैं कि जहा वह विरोधियों को माकूल जवाब दे सकें।

राहुल गाधी की आइएसआइ संबंधी टिप्पणी पर विरोधी चौतरफा हमला कर रहे हैं। किस हैसियत से राहुल गाधी को इंटेलिजेंस के अफसर ब्रीफ कर रहे हैं और कैसे गोपनीय जानकारी वह मंच से राजनीतिक विरोधियों पर हमले के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। मामला राहुल गाधी से जुड़ा होने के कारण काग्रेसी खुलकर प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं लेकिन उन्हें निराशा हुई है।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का हवाला देकर राहुल गाधी प्रदेश के प्रभारी रह चुके काग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह की उस पालिटिकल लाइन को आगे बढ़ाना चाहते थे जो बीते विधान सभा चुनाव के लिए अपनायी गई थी और जिसके जरिए स्थापित करने की कोशिश की गई कि दंगों की प्रतिक्रिया के तौर पर आतंकवाद पनपता है। आने वाले लोकसभा चुनाव में क्या होगा यह अभी निश्चित नहीं है लेकिन इस रणनीति का जो निराशाजनक नतीजा गुजरे विधान सभा चुनाव में सामने आया उसको देखते हुए काग्रेसी आशंकित अवश्य हैं।

प्रदेश काग्रेस के पदाधिकारी रह चुके एक नेता ने कहा कि अच्छा होता अगर इंटेलिजेंस के अफसर के बजाय जानकारी का माध्यम पार्टी अथवा अन्य सूत्रों को बताया गया होता। साथ ही दुश्मन मुल्क की खुफिया एजेंसी को चेतावनी भी दे दी होती तो बात बन गई होती। पार्टी नेताओं की निगाहें अब 30 को हमीरपुर के राठ में होने वाली रैली पर लगी है, जहा उन्हें राहुल गांधी से सधे और सटीक जवाब देने की उम्मीद है।

सौजन्य से : दैनिक जागरण


Monday, October 28, 2013

और वो बोले- मोदी हैं, तो जिंदा हूं

झांसी, जागरण संवाददाता। 'मोदी हैं, तो जिंदा हूं' यह सुनते ही चेहरे पर उभरे प्रश्न भाव को देख कहा- यकीन मानो, ऐसा ही है। 'पत्रकार हैं, तो सुनिए' कहते हुए जगमोहन तिवारी ने खुद ही बताना शुरू किया। उनके अनुसार कुछ वर्ष पहले ट्रेन दुर्घटना में एक पैर, हाथों की अंगुलियां गंवा दीं। पत्‍‌नी अंधी है। दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जान तो बच गई, लेकिन जिंदगी घिसट रही है। ट्राइ साइकिल से अफसरों और नेताओं के दफ्तरों के जाने कितने चक्कर लगाए, लेकिन आज तक तो वृद्धावस्था पेंशन मिली और ही विकलांग पेंशन। महोबा जिले के ग्राम सूपा निवासी जगमोहन के मुताबिक, व्यवस्था से और खुद की स्थिति से त्रस्त होकर उन्होंने आत्महत्या का फैसला कर लिया था, लेकिन जब सुना कि नरेंद्र मोदी झांसी रहे हैं, तो इरादा बदल दिया। मोदी से प्रभावित जगमोहन कहता हैं, उम्मीद है मोदी उनकी समस्याओं को व्यक्तिगत तौर पर सुनेंगे और कुछ करेंगे।


मोदी के लिए ट्राइ साइकिल से चला 200 किलोमीटर : जगमोहन ने महोबा से झांसी तक का सफर ट्राइ साइकिल से तय किया। यह दूरी 200 किलोमीटर है। एक दिन पहले यानि गुरुवार को झांसी पहुंचे। 

सौजन्य से : दैनिक जागरण 

Saturday, October 26, 2013

आंसू बहाने नहीं पोछने आया हूं: नरेंद्र मोदी

आंसू बहाने नहीं पोछने आया हूं: नरेंद्र मोदी
कांग्रेस अपना प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करे या न करे, भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने मिशन 2014 को अपने और राहुल गांधी के बीच की लड़ाई बना दी है। राहुल के भावनात्मक मुद्दों के कार्ड के जवाब में मोदी ने खुद को आंसू पोछने वाला बताकर मजबूती जताई, तो सुशासन को मुद्दा बनाया।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दादी (इंदिरा गांधी) की हत्या का मामला उठाए जाने पर मोदी ने कहा, उस हत्या के बाद देश में जिस तरह से हजारों सिखों की हत्या हुई और अभी तक एक भी दोषी को सजा नहीं हुई, उसके लिए कौन जवाबदेह है? उन्होंने राहुल गांधी से आइएसआइ से रिश्ता रखे नौजवानों के नाम बताने या फिर मुस्लिम समाज से माफी मांगने की बात कही। मोदी ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की साठ साल की सत्ता के जवाब में 60 महीने भी मिले तो वह बुंदेलखंड सहित पूरे देश की तकदीर और तस्वीर बदल देंगे।

प्रधानमंत्री नहीं चौकीदार बनाएं
प्रधानमंत्री उम्मीदवारी की घोषणा के बाद से पहली बार झांसी में मोदी ने खुद के लिए वोट मांगा। साथ ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हालिया बयानों और उनके भावनात्मक कार्ड को अपने शब्दों के तीर से छलनी कर दिया। वीरों की धरती बुंदेलखंड से राहुल पर सीधा हमला करते हुए मोदी ने कहा कि वह शहजादे की तरह आंसू बहाने नहीं बल्कि आंसू पोछने आए हैं। कांग्रेस शासन में हुए भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए उन्होंने अपील की कि उन्हें प्रधानमंत्री नहीं चौकीदार बनाया जाए ताकि वह देश के खजाने पर किसी भ्रष्टाचारी का पंजा नहीं पड़ने दें।

राहुल को खुफिया जानकारी पर सवाल
मुजफ्फरनगर में दंगे के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ की सक्रियता के राहुल के बयान पर भी मोदी ने गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने सरकार पर अंगुली उठाते हुए कहा कि खुफिया जानकारी एक सांसद के राजनीतिक भाषण के लिए उपलब्ध कराई जाती है, जिसने गोपनीयता की कोई शपथ नहीं ली। अगर आइएसआइ पैर पसार रही है तो उसके लिए भी सरकार की कमजोरी जिम्मेदार है। राहुल कहते हैं कि आइएसआइ मुजफ्फरनगर के मुस्लिम युवकों के संपर्क में है तो फिर सरकार क्या कर रही है?

पैकेज कांग्रेस व सपा ने लूटा
विकास का सपना बेचते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बुंदेलखंड के नाम पर लूट करने में पीछे नहीं रहीं। शहजादा एक पैकेज लेकर आया था। लेकिन आधा कांग्रेस और आधा सपा में बंट गया। इसीलिए, उत्तर प्रदेश के हिस्से में जहां धरती प्यासी है वहीं मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में 30 फीसद धरती सिंचित हो गई है। उत्तर प्रदेश में ताकत है कि वह पूरे देश की गरीबी मिटा सकता है लेकिन कांग्रेस, सपा और बसपा की तिकड़ी के कामकाज बुंदेलखंड कराह रहा है।

उप्र-बिहार के नौजवानों पर नजर
मोदी ने गुजरात में काम करने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार के नौजवानों व उनके परिवारों को भी जोड़ने वाला कार्ड चला। गुजरात के विकास के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को श्रेय देते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात उनके पसीने की वजह से आगे बढ़ा है। गुजरात में यह प्रयोग शुरू हुआ है कि मेहनतकश लोगों को सवैतनिक लंबी छुट्टी दी जाए ताकि वह अपने खेत-खलिहानों और माता-पिता के पास आकर वक्त गुजार सकें।

मोदी उवाच

'जैसे लोग अपने पूर्वजों की विरासत देखने जाते हैं उसी तरह कांग्रेस के शहजादे गरीबी देखने जाते हैं'
'पूरी रोटी की बात करने में साठ साल लगे तो फिर भरपेट भोजन में और सौ साल लगेंगे।'
'कांग्रेस का अहंकारवाद, सपा का परिवारवाद और बसपा का व्यक्तिवाद इतना हावी है कि कोई वादा पूरा नहीं हो सकता।'
'सबका मतलब सपा, बसपा और कांग्रेस केवल लूट कर सकती है।'
'बुंदेलखंड के विकास के लिए न लखनऊ में सोच है न दिल्ली में।'
'पैकेज नहीं अब सपा, बसपा और कांग्रेस की पैकिंग करो।'
'कमल पर ही लक्ष्मी विराजमान होती हैं।'

सौजन्य से : दैनिक जागरण 

Friday, October 25, 2013

मिशन 2014: आज झांसी में गरजेंगे नरेंद्र मोदी

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी शहर में स्थित महारानी लक्ष्मीबाई के किले की तर्ज पर तैयार मंच से आज भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी लोगों को संबोधित करेंगे। कानपुर की रैली में जिस तरह से मोदी ने क्षेत्रीय समस्याओं को तवज्जो दी थी, उसके बाद अब झांसी में भी बुंदेलखंड पैकेज के बहाने लोगों को आकर्षित करते नजर आएंगे। इस बीच सूत्रों की माने तो मध्य प्रदेश से भी भीड़ जुटाने की जोरदार तैयारी चल रही है।
मिशन 2014: आज झांसी में गरजेंगे नरेंद्र मोदी
मोदी की उत्तर प्रदेश में यह दूसरी रैली है। इससे पहले कानपुर की रैली में बड़ी संख्या में जुटी भीड़ से उत्साहित मोदी ने कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ फेरा था। कानपुर में बंद पड़े उद्योग धंधों और आजादी में उनके योगदान का जिक्र कर अपने को उनके करीब खड़ा करने का प्रयास किया था। पार्टी सूत्रों का दावा है कि मोदी झांसी में भी स्थानीय समस्याओं को ही उठाएंगे।
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि पार्टी के लिए विकास हमेशा से ही मुद्दा रहा है और जाहिर है कि पार्टी अपनी रैलियों में विकास को मुद्दा बनाएगी। विजय शंखनाद रैली की तैयारियों में पूरी भाजपा ने धरती आसमान एक कर रखा है। इस क्षेत्र के चारों लोकसभा क्षेत्रों बांदा, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर और जालौन से भीड़ जुटाने के साथ आस पास के क्षेत्रों से लोगों के आने की उम्मीद लगाई जा रही है।
मोदी की रैली के लिये झांसी का जीआइसी ग्राउंड जोर शोर से सजाया गया है। मोदी के स्वागत में भाजपाइयों ने शहर के हर चौराहे पर होर्डिंग बैनर पाट दिए हैं। बीजेपी भाजपा नेताओं में अब भी भीड़ जुटने को लेकर चिंता दिख रही है। बताया जा रहा है कि वैसे तो मोदी की रैली के लिहाज से पार्टी के नेता जीआइसी ग्राउंड को छोटा मानकर चल रहे हैं। लेकिन बुंदेलखण्ड में कानपुर जैसी भीड़ एकत्र हो, इस पर भी आश्वस्त नहीं हो सकते। यही वजह है कि पार्टी ने इस मैदान को चुना है।
झांसी शहर मध्य प्रदेश से सटा हुआ है। मध्य प्रदेश का दतिया जिला मुख्यालय रैली स्थल से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर है। वहां से बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है। एमपी के शिवपुरी से भी लोग आएंगे। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रभारी अमित शाह खुद रैली स्थल पर जमे हुए हैं। वह हर पहलू पर ध्यान दे रहे हैं।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ लक्ष्मीकांत बाजपेयी का कहना है कि केवल चार लोकसभा क्षेत्रों के लोग ही आ रहे हैं। उनका कहना है कि इस क्षेत्रों के प्रत्येक बूथ से कार्यकर्ता आ रहे हैं। उनका मानना है कि यह रैली बुंदेलखण्ड की ऐतिहासिक रैली साबित होगी।

सौजन्य से : IBN

बीजेपी ने पोस्टर में पूछे, ‘शहजादे’ से 5 सवाल

बीजेपी ने पोस्टर में पूछे, ‘शहजादे’ से 5 सवालभोपाल। भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई ने एक बार फिर विज्ञापन के जरिए बगैर नाम लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला है। साथ ही पांच सवाल पूछकर राहुल को बौद्धिक स्तर पर कमजोर बताने की कोशिश की गई है। इस विज्ञापन में राहुल गांधी को 'शहजादा' कहकर संबोधित किया गया है।
भाजपा ने पिछले दिनों राहुल गांधी की शहडोल ग्वालियर में आयोजित सभाओं से पहले तमाम समाचार पत्रों में एक विज्ञापन जारी किया था। इस विज्ञापन में भाजपा ने शहजादे से 10 सवाल पूछे थे। भाजपा ने फिर राहुल से सवाल पूछे हैं। इस बार दस नहीं, पांच सवाल पूछे गए हैं। इस विज्ञापन में भाजपा ने राहुल की बौद्धिक क्षमता पर भी सवाल उठाए गए हैं और कहा है कि पिछले 10 सवाल कठिन थे, आप उनका जवाब नहीं दे पाए, लिहाजा इस बार पांच पूरक सवाल पूछे जा रहे हैं। सभी प्रश्नों के साथ चार-चार विकल्प भी दिए गए हैं। इसके अलावा चार 'लाइफ लाइन' भी दी गई हैं। भाजपा ने इस विज्ञापन के जरिए पूछा है कि आपकी दादी के नारे 'गरीबी हटाओ' के 42 साल बाद भी देश से गरीबी क्यों नहीं हटी? क्या आप इसे कांग्रेस की असफलता मानते हैं? पांच साल पहले जिस कलावती के यहां आपने रोटी खाई थी, क्या आपको उस गरीब महिला के परिवार की स्थिति का पता है? इसके अलावा राबर्ट वाड्रा भूमि विवाद, कोयला घोटाले में प्रधानमंत्री की भूमिका और खाद्यान्न सुरक्षा पर सवाल पूछे गए हैं। यह भी बताया गया है कि खाद्यान्न सुरक्षा योजना से पहले राज्य में मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना शुरू की जा चुकी है। भाजपा के इस विज्ञापन में राहुल गांधी का नाम नहीं लिखा है, मगर उनका अक्स जरूर है, जिससे जाहिर होता है कि वह राहुल ही हैं। वह गले में तीन रंगों का दुशाला डाले हुए हैं। भाजपा के राज्यसभा सांसद अनिलमाधव दवे इस बात की पुष्टि करते हैं कि विज्ञापन के शहजादे राहुल गांधी ही हैं। उनका कहना है कि राहुल गांधी अपने घर की समस्या और अन्य बातों का जिक्र कर लोगों को भावुक करने की कोशिश रह रहे हैं। कांग्रेस के सांसद प्रेमचंद्र गुड्डू ने भाजपा के विज्ञापन पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि वे इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग से करेंगे। भाजपा के विज्ञापन ने एक बात तो जाहिर कर दी है कि आने वाले दिनों में आरोप तथा हमलों की धार लगातार तीखी होती जाएगी, मगर इस पर विराम कहां लगेगा, इसे कोई नहीं जानता।


सौजन्य से : IBN खबर