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Thursday, April 17, 2014

भारतीय युवक और राजनीति - विक्रम सिंह

हम सब जानते हैं कि भारत एक प्रजातांत्रिक देश है। आज भारत में दूसरे देशों से सबसे ज्यादा युवा बसते हैं। युवा वर्ग वह वर्ग होता है जिसमें 14 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक के लोग शामिल होते हैं।
आज भारत देश में इस आयु के लोग सबसे बड़ी संख्या में मौजूद है। यह एक ऐसा वर्ग है जो शारीरिक एवं मानसिक रूप से सबसे ज्यादा ताकतवर है। जो देश और अपने परिवार के विकास के लिए हर संभव प्रयत्न करते हैं। आज भारत देश में 75% युवा पढ़ना लिखना जानता है। परंतु दुख की बात यह है कि आज का युवा भले ही कितना ही पढ़ लिख गया हो परंतु अपने संस्कार व देश और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को दिन-प्रतिदिन भूलता ही जा रहा है। आज भारत का युवा वर्ग ऊंचाईयों को छूना चाहता है परंतु वह यह भूलता जा रहा है कि उन ऊंचाईयों को छूने के लिए वह स्वयं अपनी जड़ें खुद काट रहा है। भारत की राजनीति में आज अधिकतम वृद्ध ही हैं और चंद गिने-चुने युवा ही राजनीति में है। परन्तु वृद्ध के अनुभव को सदैव युवा की शक्ति के सहयोग की आवश्यकता रही है तभी तो प्रगति हो पाएगी
आज के युवाओं को सिर्फ और सिर्फ टारगेट ओरियेंटेड बना दिया गया है मतलब यह है कि आजकल के माता-पिता स्वंय नहीं चाहते कि उनका पुत्र या पुत्री अपने कार्यो के अलावा देश के सामाजिक कार्यो में भी अपना योगदान दें क्योंकि आजकल का माहौल ही कुछ इस तरह का हो गया है कि सब केवल अपना भविष्य बनाने में लगे हुए हैं।
लेकिन क्या देश के प्रति युवा पीढ़ी की कोई ज़िम्मेदारी नहीं? क्या घरों और दफ्तरों में बैठ कर राजनैतिक चर्चा करना ही युवाओं की कार्यशैली बननी चाहिए? युवाओं को संप्रदायवाद तथा राजनीति से परे अपनी सोच का दायरा बढ़ाना होगा। भारत का युवा वर्ग वाकई में समझदार है जो सच में इस मामले में एक है ओर ज्यादातर युवावर्ग राष्ट्रधर्म को सर्वोपरि मान रहा है। यह वाकई में एक अच्छी और सकारात्मक बात है जो भारत जैसे देश के लिए बड़ी बात है।
मैं सभी युवाओं से निवेदन करता हूँ की देश के लिए राष्ट्रप्रेम के लिए आगे बढे और भारतीय जनता पार्टी से जुड़ेl देश को प्रगतिशील करने के लिए हमे आपके सहयोग की आवश्यकता है l 

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